The new state

Posted on August 24, 2007. Filed under: About Chhattisgarh |

15 अगस्त 1947, को देश आजाद हुआ तत्पश्चात देशी रियासतों का विलनीकरण कार्य प्रारम्भ किया. इस बीच छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के अंतर्गत था और 21वी सदी में मध्यप्रदेश के दक्षिण-पुर्व के 16 जिलो को पृथक कर इस ‘धान के कटोरे’ को एक नये राज्य छत्तीसगढ़ का जन्म नवम्बर 1, 2000 को किया गया आज छत्तीसगढ़ राज्य भारतीय मानचित्र में 27 वें राज्य के रूप में रेखांकित हो गया है.

यह राज्य छ: दुसरे राज्यों से घिरा हुआ है. प्रदेश की सीमायें उत्तर मे उत्तर प्रदेश, उत्तरपुर्व में झारखंड, दक्षिण-पुर्व में उड़ीसा, दक्षिण मे आन्ध्रप्रदेश, दक्षिण-पश्चिम में महाराष्ट्र तथा पश्चिम-उत्तर में मध्यप्रदेश द्वारा निर्धारित है.

छतीसगढ़ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री कांग्रेस के श्री अजीत प्रमोद जोगी बने और प्रथम राज्यपाल श्री दिनेश नन्दन सहाय बने. उच्चन्यायालय के प्रथम कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश श्री आर. एस. गर्ग थे. राजघानी रायपुर और उच्चन्यायालय बिलासपुर में बना और यह देश का 19 वाँ उच्चन्यायालय बना. छत्तीसगढ़ राज्य का मंत्रालय, रायपुर स्थित पूर्व डी. के. हस्पिटल में स्थापित किया गया. प्रशासनिक तौर पर छत्तीसगढ़ 3 रेवेन्यु कमीश्नरी और 16 रेवेन्यु जिलों में विभाजित है और 16 जिलों एवं 82 तहसीलों में बांटा गया है. ये जिले है- दंतेवाड़ा, बस्तर, राजनान्दगांव, दुर्ग, धमतरी, रायपुर, महासमुन्द, कवर्धा, बिलासपुर, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा और कोरिया.

छत्तीसगढ़ प्रदेश 17 46’ अक्षांश से उत्तरी अक्षांश तथा 80 15’ पुर्वी देशांतर से 84 24’ पुर्वी देशांतर के बीच विस्तृत है. इसका कुल क्षेत्रफल 1,35,194 वर्ग कि.मी. है. कर्क रेखा इसके सरगुजा और कोरिया जिलो से गुजरती है. यहाँ की भुगर्भीक बनावट में आर्कियनशैल समुह और कड्प्पाशैल समुह का विस्तार सर्वाधिक पाये जाते है. यह प्रदेश के वृहत उच्चावच खण्ड प्रायद्विपीय पठार के उत्तरीय-पुर्वी भाग मे विस्तृत बघेलखन्ड पठार, छत्तीसगढ़ मैदान एवं दण्डकारण्य पठार के अंतर्गत आता है. बघेलखण्ड पठार के दक्षिणी-पुर्वी भाग, छत्तीसगढ़ मैदान एवं दण्डकारण्य पठार के सम्पुर्ण भाग का विस्तार है. इस प्रदेश को धरातलीय संरचना की दृष्टी से पहाड़ी प्रदेश, पठारी एवं पाट प्रदेश तथा मैदानी प्रदेश में विभाजित किया जा सकता है.

इस राज्य की प्राकृतिक शान देखते ही बनती है. कई नदियाँ, पहाड़ो और पठारो से गुजरती हुई इस राज्य को जीवन प्रदान करती है. नदियों, शैलीयों और पठारो की गठजोड़ से राज्य की प्राकृतिक आभा को चार चाँद लग जाते है.  इसी कारण यह राज्य अपनी विशिष्ट पहचान रखता है. छत्तीसगढ़ वन सम्पदा की दृष्टी से सम्पन्न राज्य है. इस प्रदेश के वनांचल में चार राष्ट्रीय उद्यान और 11 अभ्यारण्य है. यह क्षेत्र वन प्राणी संरक्षण, वन संरक्षण तथा पर्यटन हेतु महत्वपुर्ण है.

राष्ट्रीय राजमार्ग नं. 6 (हावड़ा-मुम्बई) और नं. 53 (विशाखापटनम-उड़ीसा) छत्तीसगढ़ से होकर गुजरती है. 7115 कि.मी. में से 1053 कि.मी. रेल्वे लाईन छत्तीसगढ़ के दक्षिण-पुर्व रेल्वे द्वारा अधिग्रहित है. दिल्ली, मुम्बई, भुवनेश्वर, नागपुर और जबलपुर के लिये नियमित विमान सेवा भी उपलब्ध है.

सन 2001 की जनगणना के अनुसार इस राज्य की कुल जनसख्या: 20, 795, 956 (2001 की जनगणना) है. जनसंख्या का घनत्व 154 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. है. कुल नगरीय जनसंख्या 20.8%.       लिंगानुपात में 990 प्रति हजार पुरुषो पर स्त्रीयाँ और साक्षरता का स्तर 65.18 % (पुरूष 77.86%, स्त्री 52.40%)

छत्तीसगढ़ में, ग्रीष्म ऋतु में तापमान 43 डिग्री सेंटीग्रेट से 23 डिग्री सेंटीग्रेट तक तथा शीत ऋतु में तापमान 28 डिग्री सेंटीग्रेट से 8 डिग्री सेंटीग्रेट रहता है. वर्षा ऋतु जून से सितम्बर तक रहती है. प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 140 से.मी. है. यहाँ की जलवायु उष्णाआद्र मानसूनी प्रकार की है.

छत्तीसगढ़ प्रदेश में 26.76% जनसंख्या आदिवासीयों की है. यहाँ सतनामी प्रमुख अनुसुचित जाति तथा गोड़ प्रमुख अनुसुचित जनजाति है. जबकि पहाड़ी कोरबा, बिरहोर, बैगा, अबुझमाड़िया तथा कमार विशेष पिछड़ी जनजाजियाँ है.

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