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Adivasi : Adivasi
आदिवासी : आदिवासी पिछले हफ्ते मैं अंतर्राष्ट्रीय समाचार चैनल अल-ज़जीरा इंग्लिश की टीम के साथ दक्षिण बस्तर में था. हम यु.पी.ए. सरकार के छठवें वर्ष के समाप्ति पर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अपने पहले प्रेस कांफ्रेस के सम्भावित बयानों को ध्यान में रखकर देश के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्र दक्षिण बस्तर [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )तेन्दुपत्ता या रतनजोत
तेन्दुपत्ता या रतनजोत क्या इस बात की कल्पना भी की जा सकती है कि रतनजोत कितना नुकसान दायक हो सकता है. इसका जवाब हाँ मे भी हो सकता है और नही में भी. पिछले दो-तीन महीनों में जितनी भी बार मेरी मुलाकात रतनजोत से हुई है, अच्छी नही रही. यह सुन्दर सा विदेशी पौधा कैक्टस [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )अंत में बहुत सी बातें
अंत में बहुत सी बाते आज लगातार चौथा दिन है कि यहाँ टेलीफोन पूरी तरह से ठप्प है. हफ्ते में तीन-चार बार ठप्प होना, यहाँ सामान्य बात है. खासकर शुक्रवार-शनिवार को बन्द कर दिया जाता और फिर सोमवार-मंगलवार को फिर चालू कर दिया जाता है. इससे दो बांते सामने आ रही है एक तो बी.एस.एन.एल. [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )परलकोट में वामपंथ
परलकोट में वामपंथ शाम होने से पहले बड़गाँव मेला पहुंचे. यहाँ साल में एक बार तीन दिन का बड़ा मेला भरता है. आज अंतिम दिन था. प्रतापपुर में हुई नक्सलियों की जन सुनवाई की घटना के बाद से वहाँ बड़ी मात्रा में फोर्स की तैनाती थी. अखबारों से पता चला कि गर्मी और महंगाई का [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )आत्मविश्वासी सिरहा
आत्मविश्वासी सिरहा शहरी लोग जो दंतेवाड़ा, पखांजूर या नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में नहीं रहते वे बहुत सी सुनी-सुनाई और छपी बांतों पर विश्वास करते है और तरह-तरह के कयास लगाते रहते है. लेकिन बहुत से मामलों में सच्चाई कुछ अलग ही होती है. जहाँ लोग जाने की सोचते भी नही और फटी पड़ी रहती है [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )इधर के ना उधर के
इधर के ना उधर के पखांजूर में कुछ आदिवासियों से मुलाकात हुई. एक नौजवान ने बतलाया कि उसकी भतीजी पुलिस हिरासत में और अभी बड़गाँव थाने में है वे महिने में कई बार उससे मिलने और छोड़ देने की गुहार लगाने आते है. आज एस.डी.ओ.पी. के छुट्टी पर होने के कारण वे आज नहीं मिल [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )गोंड़ और बंगाली
गोंड और बंगाली रोजगार गारंटी के बारे में जमीनी स्तर पर जानने का यह अच्छा अवसर था. मैं भी अभी तक इसके बहुत से पक्षों को नही समझा था सिर्फ इस बात को छोड़कर कि कुछ ही दिनों पहले कांकेर में करोड़ों के घोटाले का पता चला और उजागर होने पर कलेक्टर को हटाना पड़ा. [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )सीतरम से सीताराम
सीतरम से सीताराम ग्रामीण बतलाते है कि परलकोट, परलदेव नाम के एक राजा के नाम पर पड़ा है और कोट का अर्थ होता है किला. परलकोट का यह पूरा क्षेत्र बड़गाँव से लेकर सीतरम के पास स्थित “परलकोट” तक का है. आज परलकोट नामक जगह में कोई नही रहता लेकिन अतीत के चिन्ह अभी भी [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )पूर्वी पाकिस्तान में हुये दंगे की याद अभी तक बुज़ुर्गो के ज़हन में
पूर्वी पाकिस्तान में हुये दंगे की याद अभी तक बुज़ुर्गो के ज़हन में परलकोट क्षेत्र अपना एक अलग ही पहचान रखता है. एक तो यहाँ 133 गांव में बांग्लादेशी (पूर्वी पाकिस्तान) के लोगों को भारत सरकार द्वारा बसाया गया है जिसे परलकोट गाँव कहा जाता है और जिन्हे नम्बर से पहचाना जाता है जैसे PV133, [...]
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