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छत्तीसगढ़ में प्राप्त पांडुलिपियाँ
छत्तीसगढ़ में प्राप्त पांडुलिपियाँ विभिन्न अखबारों से प्राप्त जनसत्ता गरियाबन्द, 02-06-07 अनुविभाग मुख्यालय से 30 कि.मी. दूर ग्राम गोडलबाय निवासी बोधसिंह दीवान (80) के यहाँ से 300 वर्ष पुरानी पांडुलिपियाँ उड़िया भाषा मे हस्तलिखित तालपत्र 38 पृष्ठीय ज्योतिष रोग-ब्याधि सम्बन्धी विवरण और 70 पृष्टीय तालपत्र (कलंकी पुराण) उपलब्ध है. इसी तरह ग्राम पतोरा दादर से [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )छत्तीसगढ़ के संस्कृत कवि
छत्तीसगढ़ के संस्कृत कवि श्री हरि ठाकुर जनश्रुति के अनुसार वैदिक युग के महान ऋषि वशिष्ठ, अंगीरस, ऋग्ड़ी, और वाल्मिकी के छत्तीसगढ़ मे आश्रम थे. वे इस क्षेत्र मे केवल तपस्या के लिए ही नही, आर्यधर्म और संस्कृति के प्रचार के लिये भी आये और यहीं निवास करने लगे. ऋग्वेद वेदों में सबसे अधिक प्राचीन [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )The new state
15 अगस्त 1947, को देश आजाद हुआ तत्पश्चात देशी रियासतों का विलनीकरण कार्य प्रारम्भ किया. इस बीच छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के अंतर्गत था और 21वी सदी में मध्यप्रदेश के दक्षिण-पुर्व के 16 जिलो को पृथक कर इस ‘धान के कटोरे’ को एक नये राज्य छत्तीसगढ़ का जन्म नवम्बर 1, 2000 को किया गया आज छत्तीसगढ़ राज्य [...]
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