Archive for November, 2008
अंत में बहुत सी बातें
अंत में बहुत सी बाते
आज लगातार चौथा दिन है कि यहाँ टेलीफोन पूरी तरह से ठप्प है. हफ्ते में तीन-चार बार ठप्प होना, यहाँ सामान्य बात है. खासकर शुक्रवार-शनिवार को बन्द कर दिया जाता और फिर सोमवार-मंगलवार को फिर चालू कर दिया जाता है. इससे दो बांते सामने आ रही है एक तो बी.एस.एन.एल. के [...]
परलकोट में वामपंथ
परलकोट में वामपंथ
शाम होने से पहले बड़गाँव मेला पहुंचे. यहाँ साल में एक बार तीन दिन का बड़ा मेला भरता है. आज अंतिम दिन था. प्रतापपुर में हुई नक्सलियों की जन सुनवाई की घटना के बाद से वहाँ बड़ी मात्रा में फोर्स की तैनाती थी. अखबारों से पता चला कि गर्मी और महंगाई का भी [...]
आत्मविश्वासी सिरहा
आत्मविश्वासी सिरहा
शहरी लोग जो दंतेवाड़ा, पखांजूर या नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में नहीं रहते वे बहुत सी सुनी-सुनाई और छपी बांतों पर विश्वास करते है और तरह-तरह के कयास लगाते रहते है. लेकिन बहुत से मामलों में सच्चाई कुछ अलग ही होती है. जहाँ लोग जाने की सोचते भी नही और फटी पड़ी रहती है वहाँ [...]
इधर के ना उधर के
इधर के ना उधर के
पखांजूर में कुछ आदिवासियों से मुलाकात हुई. एक नौजवान ने बतलाया कि उसकी भतीजी पुलिस हिरासत में और अभी बड़गाँव थाने में है वे महिने में कई बार उससे मिलने और छोड़ देने की गुहार लगाने आते है. आज एस.डी.ओ.पी. के छुट्टी पर होने के कारण वे आज नहीं मिल पाये. [...]
गोंड़ और बंगाली
गोंड और बंगाली
रोजगार गारंटी के बारे में जमीनी स्तर पर जानने का यह अच्छा अवसर था. मैं भी अभी तक इसके बहुत से पक्षों को नही समझा था सिर्फ इस बात को छोड़कर कि कुछ ही दिनों पहले कांकेर में करोड़ों के घोटाले का पता चला और उजागर होने पर कलेक्टर को हटाना पड़ा. इसी [...]
सीतरम से सीताराम
सीतरम से सीताराम
ग्रामीण बतलाते है कि परलकोट, परलदेव नाम के एक राजा के नाम पर पड़ा है और कोट का अर्थ होता है किला. परलकोट का यह पूरा क्षेत्र बड़गाँव से लेकर सीतरम के पास स्थित “परलकोट” तक का है. आज परलकोट नामक जगह में कोई नही रहता लेकिन अतीत के चिन्ह अभी भी देखे [...]
पूर्वी पाकिस्तान में हुये दंगे की याद अभी तक बुज़ुर्गो के ज़हन में
पूर्वी पाकिस्तान में हुये दंगे की याद अभी तक बुज़ुर्गो के ज़हन में
परलकोट क्षेत्र अपना एक अलग ही पहचान रखता है. एक तो यहाँ 133 गांव में बांग्लादेशी (पूर्वी पाकिस्तान) के लोगों को भारत सरकार द्वारा बसाया गया है जिसे परलकोट गाँव कहा जाता है और जिन्हे नम्बर से पहचाना जाता है जैसे PV133, दूसरा [...]
परलकोट:छत्तीसगढ़ का बंगाल
परलकोट: छत्तीसगढ़ का बंगाल
अप्रेल महीनें में किये परलकोट दौरे को एक छोटे यात्रा वृतांत की तरह लिख रहा हूँ. परलकोट जाने का यह मेरा पहला मौका था. कुल 990 कि.मी. की थकान भरी इस दौरे से बहुत कुछ सीखने, समझने और जानने को मिला. साथ संजय पराते जी भी थे जो सी.पी.एम. छत्तीसगढ़, सदस्य है, [...]
शंकर की जीत
शंकर की जीत
पिछले दो सालों में 28 सितम्बर को दल्ली-राजहरा जाकर मैने यह देखने और समझने की कोशिश की कि जिनके बारे में लम्बे समय से सुनते चला आ रहा हूं (छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा और कामरेड स्व. शंकर गुहा नियोगी) कभी गया नहीं और कभी सोचा भी नहीं. वहां जाने के बाद पहली बार इस [...]


