Archive for August, 2007
शोरूमनुमा मन्दिरें और पुरातात्विक, पारम्परिक बर्बादी
आजकल मन्दिरें भी किसी शोरूम की तरह् खुलन्…. माफ कीजियेगा, बनने लगी है.
राष्ट्रीय राजमार्ग 6 पर लगभग हर रोज भिलाई से रायपुर आते-जाते, चरोदा-कुम्हारी के बीच में नवनिर्मित साई मन्दिर को जब भी देखता हूँ तो हर बार यह महसूस होता है कि अब मंदिरें आमजनों और गरीबों के लिये तो रह ही नही गई [...]
दीपोत्सव् और राज्योत्सव की शुभकामनाये
लगभग 15 साल पहले तक रायपुर के हमारे घर में गायें पाली जाती थी. हमारे यहां ही नही, पुरानी बस्ती के बहुतों के घरों में पाली जाती थी. तब ठेठवार पारा से राऊत घर आते थे और हमे अन्नकूट/गोवर्धन पूजा का विशेष इंतजार रहता था. साथ ही राऊत नाचा देखने, गायों को सोहाई बन्धवाने, [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )छत्तीसगढ़ का नंगकुम्भ
दिनांक 12-02-07
आजकल छत्तीसगढ़ में भी अर्धकुम्भ देखा-घूमा जा सकता है. संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा सिरपुर और राजिम को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बनाने का अथक प्रयास चल रहा है. बना कर ही दम लेंगे चाहे जो भी हो. इसीलिए इस अर्धकुम्भ को संस्कृति एवं पर्यटन विभाग बढ़-चढ़ कर प्रोत्साहित कर रहा है. मुख्य मंत्री और संस्कृति [...]
बर्बादी के मुकदर्शक
कुछ दिन पहले, जब मैं अपने गांव से रात 8.30 को रायपुर के लिये निकला था तब वहां बिजली कटी हुई थी और रास्ते भर अन्धेरा था. मेरा गांव नई रायपुर (राजधानी) परिक्षेत्र से लगा हुआ है. जैसे-जैसे मैं रायपुर-अभनपुर मुख्य मार्ग की तरफ पहुंचा, रौशनी दूर से ही दिखने लगी. ग्राम उपरवारा के पार [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )शिवनाथ के बारे मे…..
कुछ वर्ष पहले शिवनाथ नदी बहुत चर्चा में था। चर्चा मे तब आया जब एक प्रायवेट कंस्ट्रक्शन कम्पनी (रेडियस वाटर कम्पनी), जिनके मालिक राजनान्दगाँव के कैलाश सोनी है को सरकार ने नदी का 23.6 कि. मी. का क्षेत्र 22 वर्ष के लिये लीज़ पर दे दिया है और नदी के पानी के उपयोग को लेकर [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )The new state
15 अगस्त 1947, को देश आजाद हुआ तत्पश्चात देशी रियासतों का विलनीकरण कार्य प्रारम्भ किया. इस बीच छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के अंतर्गत था और 21वी सदी में मध्यप्रदेश के दक्षिण-पुर्व के 16 जिलो को पृथक कर इस ‘धान के कटोरे’ को एक नये राज्य छत्तीसगढ़ का जन्म नवम्बर 1, 2000 को किया गया आज छत्तीसगढ़ राज्य [...]
Read Full Post | Make a Comment ( None so far )Migrating and marginalizing Chhattisgarh weavers
For a project of Gramodyog department I got opportunity to interact with weavers and craftsmen closely. I visited northern and central Chhattisgarh to see and understand the conditions of their living and market. We heard many things about handicraft so that I am not focusing on it. Here, I am only focusing on handloom. I [...]
Read Full Post | Make a Comment ( 2 so far )

